पत्रकार डॉ. राजाराम सड़ंगी की महानता, आदिवासी दिव्यांगों की मदद, पत्रकारिता के साथ-साथ समस्या का समाधान में सहयोग
संवाददाता, रोहित भोई। संबलपुर (ओडिशा)। जिले नाकटीदेउल तहसील गिरीशचंद्रपुर पंचायत अंतर्गत देदराह गांव का एक गरीब आदिवासी दिव्यांग घासी मिर्धा 90 वर्षीय व्यक्ति गांव से बुरला अस्पताल 70 किलोमीटर दूर रास्ते से थ्री व्हीलर साइकल लेने गए थे। उनको लौटने के समय पडियाबहाल फोर लेन रास्ते में एक वरिष्ठ पत्रकार डॉ राजाराम सड़ंगी 'राजाबाबू का ताजा खबर' संबलपुर ब्यूरो के रूप में कार्य करते हैं, उनकी नजर में घासी मिर्धा आये थे।
श्री सड़ंगी उन दिव्यांग वृद्ध व्यक्ति को दही शरबत पिलाने के बाद खाने की व्यवस्था करवाई। वहां स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संजुक्ता बारीक दिव्यांग व्यक्ति को देख उन्होंने ने भी मदद सेवा दिया है। और एक साइकल दुकानदार अक्षय कुमार बेहेरा पड़ियाबहाल चौक ने भी दिव्यांग वृद्ध व्यक्ति की साइकल को मरमत किया, साइकल की नोट बोल्ट बहुत ढीला था, जिससे चलने में बहुत परेशानी आ रही थी। उस वृद्ध व्यक्ति को शाम के समय हती कारीडोर रास्ते में और 30 किलोमीटर जाना बड़ा मुश्किल था। राजाराम सड़ंगी तुरंत एक ओटो में थ्री व्हीलर साइकल को लोड किया और अपनी कार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ दिव्याग घासी मिर्धा को बैठाकर उनके घर देदराह गांव तक पहुंचाया।देखा गया है कि एक पत्रकार केवल प्रतिक्रिया ही नहीं लेता है, बल्कि वह समस्या को कैसे समाधान करना चाहिए उस पर भी काम करता है, यह एक उदाहरण आज देखने को मिला हैं। मीडिया बूम और कलम के साथ अपना हाथ से दिव्यांग व्यक्ति को उठा कर घर से पहुंचाया, डॉक्टर राजाराम सड़ंगी की यह महानता है। ये समाज के लिए उदाहरण है। जिला आदिवासी कल्याण संघ संबलपुर के सचिव महेंद्र कुंवर द्वारा पत्रकार श्री सड़ंगी के सराहनीय कार्य को लेकर बहुत बहुत बधाई दी गई।

