धोलागढ़ धाम में गो कृपा कथा का भव्य शुभारंभ, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का आगमन, हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा
संवाददाता नाथूलाल सालवी
दिनांक 11/08/2025
सलूंबर (झल्लारा)। धोलागढ़ धाम आज एक ऐतिहासिक और श्रद्धा से भरा दिन बना, 45 दिवसीय दिव्य भव्य श्रावण कुंभ महोत्सव के 32 वे दिन 31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं आध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता गोपालाचार्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज की श्री गो कृपा कथा आरम्भ हुई। इस दौरान एकलिंगनाथ जी के 77 वे दीवान श्री जी हजूर डॉ लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे। उनके आगमन पर पूरे धाम का वातावरण भक्तिभाव और उत्साह से सराबोर हो उठा। हेलीकॉप्टर से पूरे धोलागढ़ धाम पर पुष्प वर्षा की गई, जिससे वातावरण में श्रद्धा और सौंदर्य का अनोखा संगम देखने को मिला। धाम में पहुंचते ही लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने यज्ञशाला में विधिवत आहुति अर्पित की और धर्म एवं संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर गुरु योगी प्रकाश नाथ जी महाराज के सानिध्य में यज्ञशालाओं की परिक्रमा की गयी। व्यास पीठ पर पूज्य गोपालानंद सरस्वती जी महाराज कथा के प्रथम दिवस पर उन्होंने गो माता की महिमा, गौ सेवा के महत्व और समाज में गो संवर्धन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने उद्बोधन में महाराणा प्रताप और उनके वीर घोड़े चेतक की अमर गाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है, वहीं चेतक उनकी वीरता और निष्ठा का प्रतीक है। धोलागढ़ धाम में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना बल्कि इसमें इतिहास, संस्कृति और लोकपरंपराओं का अद्भुत समन्वय भी देखने को मिला। पूरे धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और सभी ने इस अद्वितीय क्षण के साक्षी बनकर अपने जीवन को धन्य महसूस किया। इस दौरान मेवड़ा पीर योगी लक्ष्मणनाथ जी, साध्वी श्रृद्धा गोपाल सरस्वती दीदी, साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती दीदी, साध्वी आराधना गोपाल सरस्वती दीदी, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र डूंगरपुर से दीदी विजयलक्ष्मी और सागवाड़ा केंद्र से दीदी पद्मा उपस्थित रहे।




