अनुप्रबेषकारी कब्जा में संरक्षित जंगल, गांव में गजराज राष्ट्रपति पत्र को उड़ीसा सरकार की बेखातिर
संवाददाता, रोहित भोई। संबलपुर : संबलपुर जिले रेढ़ाखोल प्रखंड बनखंड लंडाकोट संरक्षित जंगल को झारखंड अनुप्रबेश कारी कब्जा में ले गया है। हजार हजार पेड़ को काट कर आबाश और जमीन बनाने में लगे हुए हैं। झारखंडी अनुप्रबेश कारी के लिए ओड़िशा सरकार का आईंन कानून सब फेल हुआ है। रेढ़ाखोल बनखंड रिजर्ब फॉरेस्ट आज श्रीहीन है। प्रकृति रानी रो रहीं हैं। रेढ़ाखोल जंगल बचाइए। लेकिन सुनेबलाकोई नहीं हैं।
नाकटीदेउल तहसील अंतर्गत गिरीशचंद्रपुर रेंज बनखंड खमारबहाल, धौलपुर, हिरालूई मछाडीह, किसिंडा स्थानीय आदिवासी जनसाधारण बन विभाग पुलिस फोर्स के साथ ऊछेद किया गया था। प्रशासन के विफलता कारण पुनः सक्रिय रूप से मकान बनाया। 8 अक्टूबर 2012 में प्रिंसिपल सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट, गवर्नमेंट ऑफ ओड़िशा, जंगल माफिया को उछेद करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया था। जंगल का साथी दिव्यांग रोहित भोई और सहयोगी सुरेंद्र कुमार पट्टा के साथ महामहिम राष्ट्रपतिकों पत्रलाप द्वारा ज्ञापन दिया गया था। अनेक बार अपना परिवेश को बचाने केलिए रैली, मेली, हरताल स्थानीय आदिवासी जनसाधारण कर चुके हैं। रेढ़ाखोल बनखंड विभागीय अधिकारी अनेक बार ऊछेद के लिए प्रतिश्रीति दिए थे।जानवरों के लिए तलब वाटर शेड, प्लांटेशन सब कुछ फाइल पर है। लेकीन आज भी D F O रेढ़ाखोल हाथ पकड़ कर बैठे हैं, 2013 जून 3 तारीख से संबलपुर ज़िलापाल बलवंत सिंह जिन अधिकारी अपना काम नहीं करपाएगा, लिख के दो, नहीं तो तुरंत सस्पेंड किया जाएगा बोले थे। आज भी 12 साल का बाद सही स्थिति में है। ओडिशा में डबल इंजन सरकार द्वारा शहर नगर में जबर दखल को जोरदार अछेद कर्रेहन्हे। खनि खदान के लिए आदिवासियों को हटा रहे हैं। अगर रेढ़ाखोल बनखंड से भी ऐसी प्रयास होगा सफल निश्चित रूप से होगा।लगातार 76 तम बनमहोसब पालन करने पर भी जंगल खाली पड़ी है। सो पेड़ लगाते हे हजारों पेड़ काट रहे हैं। अनुप्रबेश कारिर्यों ने 40 साल का दख़लबाजी दिखाकर स्थानीय प्रशासन को भ्रम सृष्टि कररहे है। ताकि जमी पटा मिलेगी।आजतक स्थानीय आदिवासी लोगों एक डिसमिल जगा जंगल नहीं काटा, लेकिन रेढ़ाखोल में हजार हजार हेक्टर रिजर्ब जंगल 2010 से अब तक अनुप्रबेश कारी माफिया ने आदिवासी बोलकर जंगल को हनन करके लूट रहे है। विभागीय मुख्य सचिव अपने मुंह में पटी लगाकर बैठे हुए हैं।हर बस्ती में बेआइन चर्च, गृह निर्माण कर रहे हैं। स्थानीय लोग का प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तिथैडर, लंडाकोट, रताखंडी रिजर्ब फॉरेस्ट ध्वंस हो जाएगा। गजराज हती रास्ते में जनबर के लिए जंगल खत्म। एसी में बैठे हैं जंगल बचानेवाली। जल जंगल जमीन को बचाने के लिए मूलनिवासी आदिवासियों का आंदोलन जारी है, झारखानडी अनुप्रबेश कारी जंगल उजाड़ दिए गए हैं। जंगल बचनेके लिए स्थानीय लोगों और अनुप्रबेश कारी के साथ दंगा की संभावना है। संरक्षित जंगल के अंदर टीथैईदर नमसे आधार कार्ड दी गई है। स्थानीय प्रशासन कई अधिकारी का ये प्रोहासन है। उन समर्थन कारियों के लिए आज जंगल ध्वंस हो गई है। स्थानीय लोगों का मांग है कि अनुप्रबेश कारिर्यों पूर्व स्थिति कहां पर था, कहां से आए हैं, सरकार उसको लौटाने का तरीका अपनाएं। अगस्त 12 तारीख आज विश्व हस्ती दिवस पर रेढ़ाखोल प्रखंड बनखंड में Best practices for Journalists Covering the wild and Importance of media in wildlife Conservation के लिए आज गणमाध्यम प्रतिनिधि और वनाधिकारी मिल के शपथ लिए है कि गजराज सुरक्षा को लेकर गण माध्यम श्रेष्ठ भूमिका निभाए। आयोजित कार्यक्रम में आंचलिक वन्यप्राणी संरक्षक संबलपुर टी अशोक कुमार मुख्य अतिथि मुख्य बकता डॉ.देवीप्रियदरसीनी डी एफ ओ श्री एलभरसन के एवं भुवनेश्वर अर्थ क्रूसेडर प्रमुख आयोजन कर्ता उपस्थित रहे थे।




