एम.वाय. अस्पताल में मासूम की मौत : मां बोली – “मेरी बेटी कमजोर नहीं थी, ऑपरेशन के बाद ठीक हो जाती” लापरवाही पर कार्रवाई और 1 करोड़ मुआवजे की मांग
इंदौर। एम.वाय. अस्पताल (M.Y. Hospital) में मासूम बच्ची को चूहे के कुतरने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा जिसे लावारिस बताया जा रहा था, उस बच्ची के माता-पिता धार जिले से इंदौर पहुंचकर शव अपने सुपुर्द लिया। दिनांक 06/09/2025 को परिजनों को आदिवासी संगठन जयस (JAYS) ने खोजकर अस्पताल तक पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही मां मंजू बेसुध होकर फूट-फूटकर रो पड़ी। उसका कहना था— “मेरी बच्ची कमजोर नहीं थी। डॉक्टर ने कहा था कि ऑपरेशन के बाद वह पूरी तरह ठीक हो जाएगी, लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने उसे छीन लिया।”
सूचना तक नहीं दी गई
परिवार का कहना है कि मां के उपचार के चलते वे कुछ समय के लिए धार लौट गए थे। जाते समय अस्पताल प्रशासन को इस बात की जानकारी दी थी। इसके बावजूद न तो बच्ची की मौत की खबर दी गई और न ही यह बताया गया कि उसे चूहों ने कुतर डाला। पिता देवराम ने आरोप लगाया कि बच्ची बिल्कुल स्वस्थ थी और डॉक्टरों ने केवल गुदा मार्ग के ऑपरेशन की बात कही थी।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि जब तक अस्पताल के डीन और अधीक्षक को निलंबित कर दोषियों पर केस दर्ज नहीं किया जाता और परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक संगठन का न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेगा।
राजनीति भी गरमाई
इस घटना पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। जयस नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने परिवार को रोककर अपने साथ ले जाने की कोशिश की। उन्होंने पिता को अपनी गाड़ी में बैठा लिया, जबकि बच्ची की मां, नाना-नानी और अन्य परिजन जयस प्रतिनिधियों के साथ अस्पताल पहुंचे। परिवार का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, हम न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

