HEADLINE
Dark Mode
Large text article
📢 अपने बिज़नेस को 20,000+ विजिटर्स तक पहुँचाएं! द ट्राइबल पोस्ट – आपके ग्रोथ का भरोसेमंद साथी
📞 कॉल करें: 7697767059

विधायक मधु भगत के परसवाड़ा विधानसभा के आदिवासी गांवों में अब तक नहीं बनी सड़क




मध्यप्रदेश में बीजेपी व कांग्रेस की कई बार सरकारें आईं लेकिन आदिवासियों को वोट बैंक ही समझा बालाघाट जिले के परसवाड़ा आदिवासी बाहुल्य इलाकों में सड़क, पुल का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है। जिसके कारण एक गांव दूसरे गांव से जुड़ नहीं पा रहे हैं। 


विधानसभा चुनाव के ढाई साल बीतने के बाद भी आदिवासी ग्रामीण अंचलों में विकास का दूर-दूर तक कोई नामोनिशान नहीं है। आज भी बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य चिकित्सा, रोजगार और स्कूल भवनों के लिए ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं। दरअसल जनपद पंचायत परसवाड़ा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत शैला के मालखेड़ी गांव में सड़क नहीं बन पाई है। यहां के आदिवासी ग्रामीणों का कहना है कि विधायक मधु भगत ने गांव की सड़क बनाने का वादा करके उनसे वोट मांगा था, पर अब तक न तो सड़क बनी और न ही पानी, बिजली, स्वास्थ्य चिकित्सा, रोजगार की उचित व्यवस्था की गई है। मालखेड़ी गांव सहित अन्य भी ऐसे गांव हैं जहां की हालत बहुत दयनीय है। लोग एक अदद सड़क के लिए आज भी तरस रहे हैं। इनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। मालखेड़ी गांव और ग्राम पंचायत शैला को जोड़ने वाली सड़क नहीं बनने से आदिवासी ग्रामीणों में बहुत ज्यादा आक्रोश है। अभी बरसात का समय चल रहा है मालखेड़ी से ग्राम पंचायत शैला 4 किलोमीटर दूर है, पढ़ने लिखने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को राशन लेने के लिए कीचड़ भरी रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।  सेसिटिव एरिया में 3 वर्ष पहले नक्सली मुठभेड़ वारदात होने के बाद भी इस गांव में सड़क नहीं बन पाई है। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मधु भगत की करनी और कथनी जनता के वोट बैंक तक ही सीमित रह गई है। कुछ समय पहले इन्हीं जगहों पर बाघ हमले की घटना घटी थी, लेकिन क्षेत्र के विधायक मधु भगत घटना पर चुप्पी साधे रहे, आज दिनांक तक घटना स्थल नहीं पहुंच सके!"


ग्रामीणों का बयान



निखन लाल पटेल ने बताया कि मालखेड़ी से एक बच्चा भी स्कूल जा रहा है तो वो भी बहुत परेशान हैं। गाड़ी घोड़ा वालों की बहुत ज्यादा परेशानी होती है। वहीं आज राशन गाड़ी आधे रास्ते तक आई फिर ग्रामीणों ने जाकर राशन लिया। जबसे विधायक मधु भगत चुनाव जीते हैं तब से गांव में दर्शन नहीं दिए है।




सुखराम वरकड़े पंच बताते हैं कि हमने सड़क को बनवाने के लिए सैकड़ों बार आवेदन निवेदन किया लेकिन आज दिनांक तक गांव वालों की सुनवाई नहीं की गई। बच्चों को कई दिनों तक स्कूल नहीं भेजते है। अगर किसी घर में डिलिवरी महिला है तो गाड़ी नहीं आती है। हमारा गांव कान्हा बफर जोन के अंतर्गत आता है अभी तक दो महिलाओं को शेर ने अपना शिकार बना लिया है। हम शासन प्रशासन से निवेदन करते हैं कि सड़क जल्द से जल्द बने।


सुनिता टेम्भरे का कहना है कि मैं मालखेड़ी की रहने वाली हूं। हम सभी महिलाएं राशन लेने के लिए कीचड़ रास्ते से जाना पड़ता है। जानवर हमारी खेत की फ़सल को भी खाते हैं। हमारे बच्चे स्कूल 7 किलोमीटर दूर कुमादेही जाते हैं। इसलिए ये सड़क जल्द से जल्द बने।


 लक्ष्मी टेम्भरे का कहना है हमारे बच्चे सप्ताह में दो दिन स्कूल जाते हैं। हम बोलते हैं कि स्कूल जाओ फिर बच्चों का जवाब आता है कि इतने कीचड़ रास्ते से हम कैसे स्कूल जाएंगे?

Post a Comment