छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी प्राचार्य को पॉक्सो एक्ट लगने के बावजूद मिली ज़मानत, ग्रामीण बोले – न्याय व्यवस्था लाचार हो चुकी है
खरगोन। भगवानपुरा क्षेत्र के शासकीय हाईस्कूल कदवाली में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रा के परिजनों ने स्कूल के प्राचार्य पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया और शुक्रवार को भगवानपुरा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई।
घटना और शिकायत
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ की घटना घटी। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अगले दिन थाना पहुँचकर एफआईआर दर्ज करवाई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत से ही मामले को दबाने और समझौते की दिशा में ले जाने की कोशिश की। जब परिजनों ने समझौता करने से साफ़ इनकार कर दिया, तो थाना प्रभारी ने उन्हें थाने बुलाकर घंटों तक बैठाए रखा।
पॉक्सो एक्ट के बावजूद मिली जमानत
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी प्राचार्य पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि महज़ दो दिन के भीतर ही आरोपी को जमानत मिल गई।
यह तथ्य क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी इतनी जल्दी जमानत मिलने लगे तो फिर आम लोगों को न्याय कहाँ से मिलेगा?
ग्रामीणों का आक्रोश
परिजनों और ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि पुलिस और न्याय व्यवस्था आम आदमी की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। “अगर न्याय देने वाले ही अन्याय करने वालों को संरक्षण देंगे तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?” – यह सवाल हर गली-मोहल्ले में गूंज रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ़ मामले को हल्के में लिया बल्कि आरोपी को राहत दिलाने का माहौल भी तैयार किया। यही वजह है कि क्षेत्र में अब आक्रोश तेजी से बढ़ रहा है।
न्याय व्यवस्था पर सवाल
यह मामला सिर्फ़ एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि अब यह पूरी न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि जब पॉक्सो जैसा कड़ा कानून भी लाचार दिख रहा है और आरोपी इतनी आसानी से छूट जा रहे हैं, तो आम जनता किस पर भरोसा करे?
लोगों का कहना है कि “आज अगर छात्राओं को न्याय नहीं मिलेगा, तो कल हमारी बेटियाँ स्कूल जाने से डरेंगी। न्याय का अस्तित्व तब तक ही है जब तक पीड़ित को न्याय मिले। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि न्याय व्यवस्था टूट चुकी है और पूरी तरह लाचार दिखाई दे रही है।”
आंदोलन की चेतावनी
परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक खरगोन (SP) से मामले को तुरंत संज्ञान में लेने की मांग की है। लोगों ने साफ़ चेतावनी दी है कि यदि जल्द और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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