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हरदा में गोंदागांव गंगेश्वरी मठ विवाद। महंत के साथ पहुंचे गोस्वामी समाज के लोग जनसुनवाई

 






संवाददाता - कपिल भुसारे /मध्यप्रदेश: हरदा जिले के गोंदागांव स्थित गंगेश्वरी मठ में प्रशासनिक हस्तक्षेप और मठ की जमीन को लेकर हुए। विवाद के बाद मंगलवार को जनसुनवाई में महंत विष्णु भारती के साथ बड़ी संख्या में गोस्वामी समाज के लोग  पहुंचे।
 उन्होंने मठ में बाहरी हस्तक्षेप बंद करने और गुरु के श्राद्ध पक्ष में आयोजित होने वाला भंडारे की अनुमति देने की मांग की। समाज के लोगों का कहना है। की मठ पर राजनीति दवाब बनाई जा रहा है। ओर इसकी परंपरा भंग हो रही है।

मठ में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप आरोप 
मठ के महंत विष्णु भारती का आरोप है। कि कुछ लोगों ने उन्हें बहला फुसला कर कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। जिसके आधार पर कहा गया कि महंत स्वयं चाहते हैं, की मठ के संचालन के लिए एक समिति बनाई जाए।
उन्होंने मीडिया से कहा कि यह समिति उनके साथ धोखा  करके बनाई गई है और इसमें आर एस एस से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका है। स्वामी का कहना है, की मठ की  परंपरा से खिलवाड़ किया जा रहा है।





मठ की 272 एकड़ जमीन को लेकर विवाद। गंगेश्वरी मठ  के पास नर्मदा नदी किनारे लगभग 272 एकड़ जमीन है। जिसे मठ द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को खोट  पर दिया जाता है। गोस्वामी समाज के अनुसार यह जमीन समाज की धरोहर है।
इसका उपयोग वर्षों से मठ की गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों में होता आया है लेकिन हाल ही में इस जमीन के दुरुपयोग का हवाला देकर एक नई समिति गठित की गई है। जिससे समाज के लोग नाराज है।


गुरु के श्राद्ध पर भंडारे की अनुमति की मांग। गोस्वामी समाज के पहलाद बैरागी ने बताया। कि गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार हर वर्ष श्राद्ध पक्ष की पंचमी तिथि को गुरु का श्राद्ध और भंडारा आयोजित किया जाता है। लेकिन इस बार आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक अर्चनो के चलते आयोजन मुश्किल हो रहा है।

 समाज ने प्रशासन से सहयोग कर इस धार्मिक आयोजन को संपन्न कराने की मांग की।
इसका उपयोग वर्षों से मठ की गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों में होता आया है लेकिन हाल ही में इस जमीन के दुरुपयोग का हवाला देकर एक नई समिति गठित की गई है। जिससे समाज के लोग नाराज है।

गुरु के श्राद्ध पर भंडारे की अनुमति की मांग। गोस्वामी समाज के पहलाद बैरागी ने बताया। कि गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार हर वर्ष श्राद्ध पक्ष की पंचमी तिथि को गुरु का श्राद्ध और भंडारा आयोजित किया जाता है। लेकिन इस बार आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक अर्चनो के चलते आयोजन मुश्किल हो रहा है। 

समाज ने प्रशासन से सहयोग कर इस धार्मिक आयोजन को संपन्न कराने की मांग की।



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