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भीमपुर में आदिवासी छात्रों की हुंकार GSU की जिला स्तरीय बैठक में शिक्षा–अधिकारों पर निर्णायक संघर्ष का ऐलान

भीमपुर/बैतूल (म.प्र.)। भीमपुर। वर्षों से उपेक्षा, शोषण और व्यवस्था की अनदेखी झेल रहे आदिवासी छात्रों ने अब चुप रहने से इनकार कर दिया है। भीमपुर में आयोजित गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन (GSU) की जिला स्तरीय कार्यकारिणी बैठक में आदिवासी शिक्षा, अधिकार और सांस्कृतिक अस्तित्व की रक्षा को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया।


बैठक में प्रदेश महासचिव सैम सिंह परते (मंडला) ने साफ शब्दों में कहा कि “जब तक आदिवासी छात्रों को उनका संवैधानिक हक नहीं मिलेगा, GSU सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।” उन्होंने प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था को चेतावनी देते हुए कहा कि अब मांग पत्रों को नजरअंदाज करने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति शक्ति फड़ापेंन, गोंडवाना रत्न दादा हीरा सिंह मरकाम एवं क्रांतिकारी नायक बिरसा मुंडा की छवियों पर पूजन-अर्चन के साथ हुई। यह सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि संघर्ष की शपथ थी।

पिंकेश धुर्वे (गोंगपा ब्लॉक अध्यक्ष) ने गोंडी लोकगीतों के माध्यम से व्यवस्था पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि “हमारी भाषा, संस्कृति और पहचान को मिटाने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” लोकगीतों में छिपा प्रतिरोध छात्रों की आवाज बनकर गूंजा।


मंच संचालन करते हुए उमेश काकोड़िया ने सवाल दागा—“आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद भीमपुर के छात्रों को मूलभूत शैक्षणिक सुविधाएं क्यों नहीं?” उन्होंने कहा कि GSU अब सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि आदिवासी छात्र आंदोलन का चेहरा बनेगा।

नई कार्यकारिणी – संघर्ष की नई कमान

बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी गठित कर संघर्ष को धार देने का निर्णय लिया गया।

ब्लॉक स्तरीय कार्यकारिणी :

अध्यक्ष – पूर्वा कवड़े

उपाध्यक्ष – शिवकुमार अहाके, कोसल

महासचिव – राम सलामे

सचिव – अदीप उईके

मीडिया प्रभारी – प्रकाश कुमरे

महाविद्यालय स्तरीय कार्यकारिणी :

अध्यक्ष – उमेश काकोड़िया

उपाध्यक्ष – संपत उईके, ललिता उईके

सचिव – मनिता उईके

महासचिव – सरस्वती परते

प्रभारी – कविता उईके

बैठक के अंत में दो टूक संदेश दिया गया कि यदि आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति, हॉस्टल, शिक्षकों की नियुक्ति, भाषा-संस्कृति संरक्षण और सम्मानजनक शिक्षा की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो GSU जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक उग्र आंदोलन छेड़ेगी।

भीमपुर से उठा यह स्वर अब पूरे गोंडवाना में गूंजेगा।

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