HEADLINE
Dark Mode
Large text article
📢 अपने बिज़नेस को 20,000+ विजिटर्स तक पहुँचाएं! द ट्राइबल पोस्ट – आपके ग्रोथ का भरोसेमंद साथी
📞 कॉल करें: 7697767059

हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान के तहत भीकेवाडा़ के स्कूल में हुआ कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न।


     सुनेश शाह उइके — संवाददाता बालाघाट।

शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया पांच संकल्प।

 "अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर दिनांक 01 सितम्बर 2025 को देशभर के विद्यालयों में हमारा विद्यालय - हमारा स्वाभिमान संकल्प कार्यक्रम चलाया गया। इस अवसर पर लाखों शिक्षक एवं करोड़ों विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रार्थना सभाओं में पाँच संकल्प लेकर एक स्वर में हमारा विद्यालय - हमारा स्वाभिमान का उद्घोष किया और उसे आत्मसात किया। 1 सितंबर 2025 को दिन सोमवार बालाघाट जिले के जनपद पंचायत परसवाड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत भीकेवाडा़ के स्कूल, प्राथमिक शाला लोहारीटोला एवं माध्यमिक शाला भीकेवाडा़ में हमारा विद्यालय - हमारा स्वाभिमान के तहत कार्यक्रम आयोजित किये गए।"

श्री नूतन कुमार धारने प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला लोहारीटोला (भीकेवाडा़) ने बताया कि विद्यालयों में लिया गया पंच संकल्प, जिसमें स्वच्छता, अनुशासन, समय का सदुपयोग, चरित्र निर्माण, आत्म विकास, समाज सेवा, समरसता और राष्ट्र प्रेम – प्रत्येक विद्यार्थी व शिक्षक के हृदय में विद्यालय के प्रति तीर्थ का भाव जागृत करेगा। यह संकल्प विद्यालय और समाज के बीच जीवंत सेतु का कार्य करेंगे। श्री सी.आर. चौधरी संस्था प्रमुख शासकीय माध्यमिक शाला भीकेवाडा़ के अनुसार कहा गया कि यह संकल्प कार्यक्रम शिक्षा को न केवल उद्देश्यपूर्ण बनाएगा, बल्कि चरित्र निर्माण, व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्र पुनर्निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। विद्यार्थी व शिक्षक मिलकर शैक्षिक उन्नयन और राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।"

छात्र छात्राओं ने लिया ये पांच संकल्प। 

1.हम मिलकर अपने विद्यालय को स्वच्छ, अनुशासित तथा प्रेरणास्पद बनाए रखेंगे। 2. हम विद्यालय के संपदा ,संसाधन तथा समय को राष्ट्र धन मानते हुए उनका संरक्षण एवं विवेक पूर्वक उपयोग करेंगे। 3.हम विद्यालय में ऐसा वातावरण बनाएंगे जहां कोई भेदभाव नहीं होगा ।हम सभी सम भाव से सीखने और सीखने के पथ पर अग्रसर रहेंगे। 4.हम शिक्षा को केवल ज्ञान का माध्यम नहीं अपितु चरित्र निर्माण , आत्मविकास और समाज सेवा का साधन मानकर कार्य करेंगे। 5. हम विद्यालय को केवल एक संस्था नहीं अपितु संस्कार सेवा और समर्पण का तीर्थ मानते हुए उसका गौरव बढ़ाने हेतु सतत प्रयत्नशील रहेंगे। हम यह दृढ़ संकल्प लेते हैं कि "हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ है, हमारी आत्मा का अभिमान है और राष्ट्र निर्माण का आधार है। इस मौके पर स्कूल के समस्त शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।"*

Post a Comment