RI साहब को नहीं दिखा कुत्ता, आदिवासी आरक्षक की बेरहमी से पिटाई! सर्व आदिवासी समाज का आंदोलन तेज़, FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग
खरगोन। जिले में रक्षित निरीक्षक (RI) सौरभ कुशवाहा एवं उनकी पत्नी पर आदिवासी आरक्षक से मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्द कहने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने सख्त रुख अपनाते हुए 27 अगस्त से खरगोन में अजाक्स थाने के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन जब लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना जारी रखा।
क्या है मामला
आवेदन के अनुसार, पीड़ित पुलिस कर्मी आरक्षक राहुल चौहान ने आरोप लगाया है कि 8 अगस्त से उन्हें रक्षित निरीक्षक के बंगले पर कुत्ते और बच्चों की देखभाल की ड्यूटी दी गई थी।
23 अगस्त की रात करीब 1:20 बजे रक्षित निरीक्षक ने गाड़ी से उठवाकर अपने बंगले पर बुलाया और पीछे वाले कमरे में ले जाकर बेल्ट से बेरहमी से पीटा। लगातार यह पूछते रहे कि “कुत्ता कहां है” और मारपीट करते रहे।
पीड़ित ने बताया कि मेडिकल जांच में केवल अल्कोहल का परीक्षण कराया गया, जबकि शरीर पर आई चोटों का परीक्षण नहीं किया गया और उन्हें डॉक्टर के सामने अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया।
आरक्षक ने यह भी आरोप लगाया कि बंगले पर मौजूद रक्षित निरीक्षक की पत्नी ने जातिसूचक गालियां दीं और धमकी दी – “कुत्ता नहीं ढूंढा तो नौकरी खा जाऊंगी”।
इसके अलावा, पीड़ित का कहना है कि पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश होने पर उनसे माफीनामा लिखवाने का दबाव बनाया गया।
जातीय उत्पीड़न का आरोप
पीड़ित ने स्पष्ट किया कि वह अनुकंपा नियुक्ति पर भर्ती है और अनुसूचित जनजाति वर्ग से आता है। इसके बावजूद उसके साथ जबरन घरेलू काम करवाए जा रहे थे और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकियां दी गईं।
धरना आंदोलन और मांगें
इस घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने खरगोन में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक दोषियों पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर मध्यप्रदेश भर से आदिवासी समाज के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता पहुंचे और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की।
ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई
इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुसूचित जनजाति आयोग, पुलिस महानिदेशक भोपाल, पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण जोन इंदौर, पुलिस अधीक्षक खरगोन और जिला दंडाधिकारी खरगोन को भी भेजी गई है।