खातेगांव में नाबालिग की संदिग्ध मौत पर उबाल: निष्पक्ष जांच के लिए सड़क पर उतरा अजा-अजज समाज
देवास/खातेगांव,
देवास जिले के खातेगांव में 15 वर्षीय किशोरी का जला हुआ शव मिलने से सनसनी; संगठनों ने घेरा प्रशासन, दी आंदोलन की चेतावनी।
खातेगांव। देवास जिले के खातेगांव नगर क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से हुई मौत ने पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश पैदा कर दिया है। करारवाड़ा (खरगोन) की निवासी 15 वर्षीय निशा पिता कैलाश बोरला का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने के बाद, अब अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मृतका निशा पिछले कुछ महीनों से खातेगांव की एक नव-निर्मित कॉलोनी में अपने मामा-मामी के पास रह रही थी। बीती 12 जनवरी को, जब नगर में साप्ताहिक बाजार लगा था और परिजन बाहर गए हुए थे, तभी संदिग्ध परिस्थितियों में निशा का जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन घटना के दो दिन बाद भी पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से परिजनों का संदेह गहराता जा रहा है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना से आक्रोशित अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों नागरिकों ने बुधवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपा। समाजसेवियों और संगठन के पदाधिकारियों ने इस मामले में निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:
- उच्चस्तरीय जांच: मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए ताकि मौत के पीछे का सच सामने आ सके।
- हत्या का मामला दर्ज हो: यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई आपराधिक तथ्य मिलता है, तो तत्काल दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए।
- आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए।
प्रमुख जनों की उपस्थिति और चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान हिम्मत सिंह बछानिया, मगन मंसोरे, अजय सरकोले, निलेश सरलाम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाजसेवियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि "यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो पूरा समाज लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन करने को विवश होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।"
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कह रही है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

