भुगतान में देरी से जूझ रहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, 150 से अधिक महिलाओं ने किया कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
रसोईयां बहनों को बिना सूचना के हटाए जाने का किया जमकर विरोध, 21 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
देवास। महिला स्वयं सहायता समूह संघ (मध्यप्रदेश) के बेनर तले जिलाध्यक्ष ज्योति अर्जुन बैरागी के नेतृत्व में जिलेभर की करीब 150 से अधिक महिला रसोईयां व समूह संचालक बहने कलेक्ट्रेट पहुंची। जहां भुगतान में देरी एवं बिना सूचना के रसोईयां बहनों को हटाए जाने का जमकर विरोध करते हुए नारेबाजी की।
करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद अपर कलेक्टर संजीव कुमार जैन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला कलेक्टर देवास के नाम ज्ञापन सौंपकर मध्याह्न भोजन एवं साझा चूल्हा योजना के संचालन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष बैरागी ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित पीएम पोषण आहार (मध्याह्न भोजन) और साझा चूल्हा योजना के अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को पूरक पोषण आहार तथा गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन पिछले तीन माह से रसोइया बहनों का मानदेय तथा अप्रैल माह से स्वयं सहायता समूहों एवं साझा चूल्हा संचालन की राशि का भुगतान नहीं होने से समूह संचालकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने कहा कि भुगतान में देरी के कारण कई छोटे एवं गरीब समूह संचालकों को कर्ज लेकर योजना का संचालन करना पड़ रहा है। इसके बावजूद बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन की मांग है कि महिलाओं ने समय पर खाद्यान्न राशि एवं रसोइयों का वेतन देने, उपस्थिति के आधार पर रसोइयों को हटाने की प्रक्रिया बंद करने, साझा चूल्हा की राशि नियमित रूप से समूहों के खातों में जमा करने, समूह संचालकों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से परेशान नहीं करने तथा नगर पंचायत क्षेत्रों में ठेका प्रथा समाप्त की जाए। इसके अलावा स्कूलों एवं साझा चूल्हों में कार्यरत रसोइया बहनों को 12 माह का मानदेय कलेक्टर दर के अनुसार देने, सभी विद्यालयों में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा राशन वितरण में अंगूठे के निशान संबंधी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की भी मांग उठाई गई।
महिला स्वयं सहायता समूह संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान 20 जून 2026 तक नहीं किया गया तो 21 जून से जिलेभर की सैकड़ों महिलाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगी। संगठन ने सरकार से मांग की है कि गरीब एवं मेहनतकश महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए, ताकि बच्चों को नियमित रूप से पोषण आहार एवं गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा सके।



