"बाल मजदूरी बंद करो, बाल अधिकार बचाओ" के नारों से गूंजा चंद्रपुर; रुदय संस्था की जनजागरूकता रैली उत्साहपूर्वक संपन्न
महाराष्ट्र प्रदेश संवाददाता दशरथ वाघमारे।
चंद्रपुर। बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्यरत सामाजिक संस्था जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के ‘एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन’ परियोजना के अंतर्गत रूरल एंड अर्बन डेवलपमेंट यूथ एसोसिएशन (रुदय), गड़चिरोली पिछले तीन वर्षों से चंद्रपुर जिले में बाल विवाह, बाल यौन शोषण, बाल मजदूरी एवं बाल तस्करी की रोकथाम के लिए कार्य कर रही है।
विश्व बाल मजदूरी निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून से 30 जून 2026 तक रुदय संस्था द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाइल्ड हेल्पलाइन चंद्रपुर तथा पुलिस विभाग के संयुक्त सहयोग से "बाल मजदूरी मुक्त अभियान" चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को गांधी चौक से जटपुरा गेट तक भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रुदय संस्था के संस्थापक काशीनाथ देवगड़े ने की। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंद्रपुर के सचिव एवं वरिष्ठ न्यायाधीश सुधीर इंगळे के हाथों हुआ। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष क्षमा बासरकर, सदस्य डॉ. ज्योत्स्ना मोहितकर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर, श्रम अधिकारी डॉ. शेंडे, वरिष्ठ दुकान निरीक्षक अजय काकतकर, समाजकार्य महाविद्यालय पडोली के प्रा. डॉ. किरणकुमार मनुरे, पीएसआई खाडे तथा एएसआई मेश्राम सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। रुदय संस्था के परियोजना प्रबंधक प्रेम जरपोतवार ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था बाल मजदूरी, बाल तस्करी, बाल विवाह और बाल यौन शोषण की रोकथाम तथा बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। जून माह के दौरान जनजागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, हस्ताक्षर अभियान, छापेमारी अभियान तथा अन्य विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष क्षमा बासरकर ने अभियान की सराहना करते हुए बाल अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग से आगे आने का आह्वान किया। इसके बाद बाल मजदूरी मुक्त हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों, नागरिकों और प्रतिभागियों ने बाल मजदूरी उन्मूलन की शपथ लेते हुए हस्ताक्षर किए।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में काशीनाथ देवगड़े ने कहा कि बाल मजदूरी के कारण अनेक बच्चों का बचपन छिन रहा है और उनके हाथों में किताबों के बजाय मजदूरी के औजार दिखाई देते हैं। उन्होंने बाल मजदूरी मुक्त समाज के निर्माण के लिए शासन, प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की।
इसके बाद जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे तथा न्यायाधीश सुधीर इंगळे ने हरी झंडी दिखाकर जनजागरूकता रैली को रवाना किया। गांधी चौक से जटपुरा गेट तक निकाली गई रैली में प्रतिभागियों ने "बाल मजदूरी बंद करो", "बाल अधिकार बचाओ", "शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है" जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम का संचालन तथा जटपुरा गेट पर रैली समापन के अवसर पर आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय अधिकारी शशिकांत मोकाशे ने किया। कार्यक्रम को जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला एवं बाल विकास विभाग, शहर पुलिस स्टेशन, रामनगर पुलिस स्टेशन तथा समाजकार्य महाविद्यालय पडोली का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की सफलता के लिए रश्मी भोयर, सोनम लाटकर, संजय खामणकर, संजना रामटेके और एडवोकेट अक्षय गेडाम ने विशेष योगदान दिया।





