HEADLINE
Dark Mode
Large text article
📢 अपने बिज़नेस को 20,000+ विजिटर्स तक पहुँचाएं! द ट्राइबल पोस्ट – आपके ग्रोथ का भरोसेमंद साथी
📞 कॉल करें: 7697767059

गणतंत्र दिवस पर पातालपानी में मनाया गया क्रांतिसूर्य टंट्या भील का 184वां जन्मदिवस

प्रदेश संवाददाता : गेंदालाल माकोड़े

धामनोद/धार। राष्ट्र मालिक, महानायक एवं क्रांतिसूर्य भगवान टंट्या भील का 184वां जन्मदिवस गणतंत्र दिवस के अवसर पर उनकी कर्मस्थली पातालपानी (महू), जिला इंदौर में सोमवार 26 जनवरी को श्रद्धा एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासियों के आराध्य महामानवों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं सलामी देकर की गई। आयोजन में आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों—जयस, महाराणा पुंजा भील जनकल्याण संगठन, भील सेना, भारतीय ट्राइबल टाइगर सेना, भील प्रदेश, आदिवासी एकता परिषद सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बिरसा मुंडा के हजारों अनुयायियों ने सहभागिता की।इस अवसर पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बलराज मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के बावजूद आज भी आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक असमानता बनी हुई है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि लोकतंत्र में पत्रकारों की स्थिति विश्व के 180 देशों में 161वें स्थान पर है। मुख्य वक्ता बिरसा ब्रिगेड के संस्थापक सतीश पेंदाम ने भगवान टंट्या भील के संघर्षमय जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा आदिवासी समाज के अनेक महापुरुषों के योगदान को याद किया।वहीं रतनसिंह बिलवाल ने आदिवासी समाज को एकजुट होने का संदेश दिया। दयाराम ठाकुर ने कहा कि कई बार समाज का नेतृत्व करते-करते लोग राजनीतिक टिकट की दौड़ में शामिल हो जाते हैं, जो चिंताजनक है।कार्यक्रम में राजेश अछालिया, यशवंत भील, जगन सोलंकी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में जयस महू अध्यक्ष शेर सिंह परमार, प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल, भारतीय ट्राइबल टाइगर सेना जिला अध्यक्ष दीपक भूरिया, भील सेना प्रदेश प्रभारी तोलाराम बरगट, जिला अध्यक्ष महेश भाभर, बलराम डावर, रवि छारेल, किशन गिरवाल, आकाश वसुनिया, राहुल सूमरा, जितेंद्र सुमर, रोहित कटारे, रतन दादा वसुनिया, वरिष्ठ आशाराम बारुड़, मनोर गावड़ सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं का शपथ ग्रहण एवं अनु-दीक्षा समारोह अनु दीक्षा उयके द्वारा संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रकाश बारुड़ (भील आदिवासी) एवं श्रवण भाभर ने किया।

Post a Comment