यूसीसी के विरोध में कोयतोड़ गोंडवाना महासभा ने सौंपा ज्ञापन, अनुसूचित जनजातियों को दायरे से बाहर रखने की मांग
आठनेर तहसील में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, संविधान प्रदत्त आदिवासी अधिकारों के संरक्षण की उठाई मांग
आठनेर (बैतूल), संवाददाता दशरथ ईड़पाचे।
बैतूल जिले की आठनेर तहसील में कोयतोड़ गोंडवाना महासभा (केजीएम) द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विरोध में तहसीलदार महोदया के माध्यम से उच्च स्तरीय समिति, वल्लभ भवन भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में अनुसूचित जनजातियों को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के दायरे से पूर्णतः अपवर्जित (Exempt) रखने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13(2), 13(3)(क), 25, 29, 44, 244(1), 338A, 342, 366(25), 372, पांचवीं अनुसूची, पेसा अधिनियम 1996, वनाधिकार अधिनियम 2006, संविधान सभा की मंशा, संविधान-पूर्व करारों एवं संधियों, भूरिया समिति की अनुशंसाओं तथा उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के आलोक में अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित क्षेत्रों, विस्थापित एवं प्रवासी समुदायों को समान नागरिक संहिता से पूर्णतः बाहर रखा जाना चाहिए।महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत का संविधान सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण का सिद्धांत अपनाता है। अनुसूचित जनजातियां केवल एक सामाजिक समूह नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी विशिष्ट सामाजिक व्यवस्था, विवाह प्रणाली, उत्तराधिकार व्यवस्था, धार्मिक आस्थाएं, पारंपरिक न्याय प्रणाली, ग्राम स्वशासन, संस्कृति एवं परंपराएं हैं, जिन्हें संविधान द्वारा विशेष संरक्षण प्राप्त है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि गोंड, माड़िया, भूरिया, प्रधान, बैगा, कोरकू, भारिया, भील, भिलाला, सहरिया, संथाल, मुंडा, उरांव, नागा, मिजो सहित अनेक जनजातियां आज भी अपनी पारंपरिक प्रथाओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार जीवन-यापन कर रही हैं। ऐसे में उनकी विशिष्ट पहचान, सांस्कृतिक विरासत एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें यूसीसी के किसी भी प्रारूप से स्पष्ट रूप से पूर्ण अपवाद घोषित किया जाना आवश्यक एवं न्यायसंगत है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान केजीएम ब्लॉक अध्यक्ष आठनेर तिरु दशरथ ईड़पाचे, जिला पंचायत सदस्य तिरु रामचरण ईड़पाचे, केजीएम संरक्षक तिरु फगनसिंह उईके, कोषाध्यक्ष तिरु जीवनसिंह उईके, सचिव तिरु गिरमु धुर्वे, सेक्टर अध्यक्ष खैरवाड़ा तिरु सुलाभ उईके, सदस्य तिरु आनंद कुमरे सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे।


